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खाखी बाबा सेवा संघ की स्थापना वर्ष 1983 में बाबा की सेवा, खाखी धाम के संरक्षण तथा धार्मिक-सामाजिक उत्थान के पवित्र उद्देश्य से की गई थी। स्थापना के बाद से ही संघ ने निरंतर सेवा भाव के साथ अनेक विकास कार्य कराए हैं। वर्ष 1986–87 में पहाड़ी पर स्थित प्राचीन मंडी एवं चबूतरे का जीर्णोद्धार कराया गया, जिससे श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित पूजा एवं विश्राम की सुविधा उपलब्ध हो सकी। इसके पश्चात वर्ष 1990 में तिबारा कुएँ एवं उससे जुड़ी सीढ़ियों का निर्माण कराया गया, जिससे जल आपूर्ति और आवागमन दोनों ही सुलभ हुए।
आध्यात्मिक विकास की दिशा में वर्ष 1994–95 में आश्रम परिसर में भगवान शिव एवं भगवान हनुमान जी की विधिवत स्थापना की गई। इसके बाद वर्ष 1998 में ग्राम में खाखी भवन का निर्माण कराया गया, जो आज सामाजिक, धार्मिक बैठकों एवं सेवा कार्यों का केंद्र है। संत-सेवा की भावना को साकार करते हुए वर्ष 2002 में संत निवास हेतु भवन व्यवस्था की गई। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2008 से 2015 के मध्य आश्रम परिसर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया, जिससे प्राकृतिक वातावरण को शुद्ध एवं हरित बनाने का प्रयास किया गया। इसके अतिरिक्त, खाखी बाबा सेवा संघ द्वारा प्रतिवर्ष फाल्गुन बदी अमावस्या के अवसर पर भव्य वार्षिक मेले एवं विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु भाग लेते हैं।
धार्मिक कार्यों के साथ-साथ संघ ने शिक्षा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ग्राम पंचायत डाडा फतेहपुरा के ग्राम डाडा फतेहपुरा में वर्ष 1946 में श्री खाखी बाबा राजकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की गई। इसके बाद वर्ष 1962 में विद्यालय का प्राथमिक से उच्च प्राथमिक स्तर पर क्रमोन्नयन हुआ। आगे चलकर वर्ष 2005 में इसे उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर पर तथा वर्ष 2018 में माध्यमिक से उच्च माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत किया गया। यह विद्यालय ग्राम डाडा फतेहपुरा में ही संचालित है, जिसकी दूरी तहसील मुख्यालय खेतड़ी से लगभग 16 किलोमीटर तथा जिला मुख्यालय झुंझुनूं से लगभग 90 किलोमीटर है। यह विद्यालय आज भी क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहा है।